
महाराजा सूरजमल छात्रावास समिति और जाट समाज बानसूर के प्रतिनिधियों ने अलवर में आयोजित जनप्रतिनिधियों की बैठक में जिला प्रमुख बलबीर छिल्लर के साथ हुए कथित अपमानजनक व्यवहार को लेकर मुख्यमंत्री के नाम उपखण्ड अधिकारी बानसूर को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि अलवर में आयोजित बैठक के दौरान जिला प्रमुख को बैठक कक्ष के बाहर खड़ा रखा गया तथा अंदर बैठने के लिए प्रतीक्षा कराई गई। समाज के प्रतिनिधियों ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों, पंचायत राज व्यवस्था और जनादेश का अपमान बताया।

ज्ञापन में कहा गया कि बैठक में केंद्रीय मंत्री, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद थे, ऐसे में जिले के निर्वाचित जनप्रतिनिधि के साथ इस प्रकार का व्यवहार दुर्भाग्यपूर्ण है। समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति का नहीं बल्कि ग्रामीण जनता और पंचायत राज संस्थाओं के सम्मान का प्रश्न है।
जाट समाज ने मामले की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कराने, दोषी अधिकारियों विशेषकर संबंधित जिला प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई करने तथा भविष्य में जनप्रतिनिधियों के सम्मान के लिए स्पष्ट प्रशासनिक प्रोटोकॉल जारी करने की मांग की है।
ज्ञापन पर समाज के कई पदाधिकारियों एवं क्षेत्रीय प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर किए गए। समाज ने चेतावनी दी कि यदि मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो व्यापक स्तर पर विरोध दर्ज कराया जाएगा। इस दौरान समाज के गणमान्य लोग देशराज नागा, सतपाल सरपंच, देवेंद्र सरपंच प्रतिनिधि, , सूबेदार रोशन लाल, छाजूराम नेहरा, युवा नेता सुनील जाट, एडवोकेट अभिमन्यु चौधरी, विजय चौधरी, रमेश पहाड़ी, एवं सैकड़ो युवा उपस्थित रहे।